Saturday, 8 October 2016

सर्जिकल स्ट्राइक


सिंधु तट पर शेर की हुंकार है यह
दुश्मनों पर वज्र का प्रहार है यह
सुनो सुनो आतंक को ओ पालनेवालों
वीरों का है देश भारत, ना समझो लाचार है यह

अब टूटा है बांध संयम का कदाचित
आक्रमण ही है श्रेष्ठ और है उचित
वीर वो क्या जो बिना लडे. ही मरे
वीरता का है सम्मान, विजय या वीरगति

थी मिली हमको स्वतंत्रता साथ ही अभिशाप यह
रह सका न छोटे भाई की तरह मिल साथ वह
नित नई साजिश रची जिसने हमारे देश में
हो सफ़ल पाया नहीं कभी भी अपने उद्देश्य में

चंद आतंकी पाल कर जो हमें डराने चला
मान उसको नादान हमने फ़िर भी किया उसका भला
मरूभूमि के तूफ़ान का अब रूख बदलना चाहिए
                                चाहे जो हमें बर्बाद करना उनको सबक मिलना चाहिए

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