Saturday, 24 November 2018

दोसर बियाह [Second Marriage (Maithili Short Story)]



विनय काँची कामाकोटि चाइल्ड ट्रस्ट सं डीएनबी पीडियाट्रिक्स आ एफएनबी पीडियाट्रिक हीमेटोलॉजी (शिशुरोग विशेषज्ञ) क के सहरसा में नबे-नबे प्रैक्टिस शुरू केने छलाह. काँची कामाकोटि चाइल्ड ट्रस्ट सन जानल-मानल संस्थान सं शिशुरोग में विशेषज्ञता आ फेलोशिप हासिल केला के बाद कइएक महानगरीय कॉर्पोरेट अस्पताल में हिनका ज्वाइन कर के मौक़ा भेटल छल, मुदा विनय एमबीबीएस करै काल ई नियारने छलाह जे डॉक्टरी में विशेषज्ञता हासिल केला के बाद गाम घुरि औता आ सहरसा में अपन क्लिनिक खोलि के प्रैक्टिस करथिन. हुनका बुझल छल जे एही ठाम विशेषज्ञ डॉक्टर जे नैतिकता के साथ प्रैक्टिस करै, केर कमी छै आ तैं इहो विश्वास छलैन्ह जे एक बार जमि गेला मातर हिनकर प्रैक्टिस निक चलतें.

नबे-नबे क्लिनिक फुजले छल ताहि दुआरे एखन रोगी-मरीज कम्मे आबै छलैन्ह क्लिनिक पर. बेसी मरीज सब गरीब-गुरबा आ ग्रामीण परिवेश बाला सब छल. मध्यम आ उच्च वर्ग एखन धैर या त डॉक्टर विनय के क्लिनिक आ योग्यता से अनभिज्ञ छलाह आ नै त हुनकर छोट-छीन क्लिनिक आ हुनका, पहिने सं स्थापित डॉक्टर के मुकाबला में स्वीकारने नै छलाह.

एहने सन में एकटा मध्यम वर्गीय जोड़ा अपन दू मासू बच्चा के ल क हिनका क्लिनिक पर आबय लागल छलाह, आ फेर हिनका सब सं विनय के लंबा नाता बैन गेल छल. गोर-नार कनियाँ आ लंबा-तगड़ा बर. यादवजी अपने त एकदम मॉडल सन लागै छलाह. दुनू के कहाँदिन लव मैरेज छल. यादवजी अपने बिल्डिंग मटेरियल के कारोबार करै छलाह आ कनियाँ बैंक में क्लर्क छलीह. सदिखन अपन बच्चा ल के दुनू बेक्ति संगे आबै छलाह. दुनू बड्ड खुशमिजाज छलाह आ विनय के बहुत आदरो करैत छलाह.

दुनू लगभग तीन बरष धैर अपन बच्चा के ल क हिनका क्लिनिक पर आबैत रहल छलखिन मुदा तै के बाद लगभग दू बरष से हिनका क्लिनिक पर नै आयल छलखिन. हिनका होय छल जे कदाचित बच्चा स्वस्थ हेतैक या भ सकैअछि जे ओ सब  जगह या डॉक्टर बदैल नेने होइथ.

मुदा एक दिन बच्चा के माय एकसरे बच्चा के नेने हिनका क्लिनिक पर पहुँचलि. आबैत मातर विनय पुछलखिन "अरे वाह! एत्तेक दिन बाद एलहुँ अछि! की हाल चाल छैक?"
"जी सब ठीके ठाक छै." हँसैत ओ बाजलि, मुदा हुनका चेहरा पर ओ खुशमिजाजी नै देखल जे पहिने देखना में आबै छल.
"और, यादव जी के की हाल चाल? कत छैथ आई कैल्ह?"

किछ काल मौन रहला के बाद ओ बात बदलैत बाजलि जे "सर एकरा चारि दिन सं बोखार लागि रहल छै."

विनय के अंदाज लागि गेल छल जे हुनकर बात के जानी-बुझि के अनदेखल क देल गेल छल, स्वाइत ओहो ई बात के अंठिया क बच्चा के ट्रीटमेंट करै लागल छलाह.

"सर यादव जी आ हम अलग भ गेल छी."

ई सुनैत प्रेस्क्रिप्शन लिखैत विनय के कलम रुकि गेल छल.

"ओह! मुदा से किएक?   " विनय पुछलखिन.

"सर ओ बड्ड तमसाय छलाह हमरा पर, बात-बात पर चिचियेनाइ आदति बनि गेल छल हुनकर. काज-धंधा सेहो बंदे सन क देने छलाह ऊपर से हम काज पर जाय छलहुँ ताहु में शक करै लागल छलाह."

ई सब सुनैत विनय अपन भावना पर संयम राखैत एकटा प्रोफेशनल डॉक्टर जेका दवाई लिखि रहल छलाह. किये त पहिल त ई, जे ओ एखन धरि मामिला के एकै टा पक्ष सुनने छलाह आ दोसर जे ओ महिला हिनका से कोनो सलाह नै मांगने छलीह.

"ई दवाई सब बच्चा के खुआबियौ आ तीन दिन बाद फेर से देखा लेब. साधारण वायरल बोखार लागि रहल अछि, तैं घबरेबा के कनियों नै छैक." एतेक कहि विनय चुप भ गेल छलाह

मुदा जखन ओ उठि क जाय लागल छलीह त बिन मांगने सलाह नै दै के अपन सिद्धांत पर विनय के नियंत्रण नै रहलैन आ एत्तेक भरि कहि देने छलाह जे "एकबेर अहाँ दुनू के हमरो से पुछबाक चाही छल या कोनो मनोवैज्ञानिक कंसल्टेंट स सलाह ल लै के चाही छल, ख़ास क के बच्चा के भविष्य के लेल."

 "सर, आब त जे होय के छल से भ गेल. कोर्ट में सेहो मामला निबटै बला अछि. म्युचुअल डिवोर्स भेट जेतैक."

२-३ दिन बाद यादवजी सेहो क्लिनिक पर एलाह. एकसरे.

"सर हमर बच्चा आयल छल की अपन माय संगे?"

"हँ आयल छलीह, मुदा अहाँ के की भेल अछि, बड्ड कमजोर लागि रहल छी?" यादवजी के प्रश्नक जवाब में हुनकर देह-दसा देखैत विनय जवाबक संग ई सवाल केने छलाह.

"सर, हमर किडनी खराप भ गेल अछि, डायलिसिस पर छी. हमर बच्चा केहेन छै आ ओकरा की भेलै य "
"बच्चा ठीक य, साधारण वायरल बोखार छै २-४ दिन में ठीक भ जेतै. अहाँ दुनू के बीच की भेल? कत्तेक निक लागय छलहुँ दुनू एक संगे." विनय बजलाह.

"सर ऐ सब में हमरे गलती छल, पिछला दू साल सं हम ओकरा संगे बड्ड खराप व्यवहार करै लागल छलियै, बात-बात पर चिचियाइत छलहुँ, एक बेर त हाथो उठा देने छलिये, ताहि से ओ घर छोड़ि के चैल गेल छलीह."

"विवाह के कत्तेक समय भेल छल?"

"सर,  छह साल भ गेल छल."

"आ अहाँ कहिया से एना करै लागल छलहुँ?"

"सर दू-एक साल से पता नै हमरा एत्तेक तामस किएक उठै लागल छल."

"शायद अहाँ के बीपी बहुत दिन सँ हाई भेल छल" विनय बाजलाह

"हमरा पता नै छल, एक बेर स्टोन आ इंफेक्शन भेल छल."

"भ सकै अछि जे अहाँ हाई बीपी आ यूरिया बढ़ला के चलते खिसियाह भ गेल हेबै."

"भ सकै अछि सर, ई त करीब सात महीना पाहिले तकलीफ भेल छल तखन पता लागल जे क्रिएटाइन ८  भ गेल अछि."

" आ ओ अहाँ स कहिया अलग भेली?"

"करीब एक साल पहिने"

"हुनका पता छैन ई सब गप्प?"

"नै सर, आब की फ़ायदा हुनका बताबय के. ओ अपन जिनगी निक से जीबैथ आ हमर बच्चा बस ठीक से रहै आर हमरा किछ नै चाहि.ओहुना ओ शायद दोसर बियाह क रहल छथिन आ संग रहितहु कोन हुनका हमर परवाहि रहितैन." यादवजी बाजला

"डॉक्टर अपनेक किडनी के विषय में की कहै छैथ?"

"सर ट्रांसप्लांट के लेल कहल गेल अछि, ता धरि डायलिसिस" अपन दयनीय परिस्थिति के बावजूद यादवजी पूर्णत: संयत, दृढ आ शांतचित भ जवाब देने जा रहल छलाह.

"ट्रांसप्लांट करवा पेबै?" विनय पुछलखिन.

" सर दू भाई अछि हमरा, दुन्नू पहिनहे भिन्न भ गेल अछि, माय बूढ़सूढ़ अछि. तथापि छोट भाय त किडनी  देबय चाहै छल मुदा  हुनकर कनियाँ आ सासुरक लोक सब कन्नारोहैट मचा देने अछि, अस्तु आब ओहो नै द सकत."

ऐ तरहे ओ लंबा-चौड़ा, हट्ठा-कट्ठा नौजवान के जीवन विनय विनय अपना सामने ऐ तरहे बदलैत देखलखिन

किछ देर आर गप्प केलाक बात ओ चल गेल छल.

तीन दिन बाद हुनकर कनियाँ बच्चा के ल क फेर आयल छलीह. बच्चा ठीक छल.

"सर एकटा बात पूछी?" चिरपरिचित चहचहाट के संग ओ बाजलि

हँ हँ किएक नै पुछू. "हम यदि दोसर बियाह क लेब त हमर बच्चा के दिमाग पर खराप प्रभाव त नै पड़तैक?"

ऐ बातक उत्तर विनय बहुत जल्दी आ संक्षिप्त में द क बचै चाहै छलाह. अस्तु बजलाह "ई त बहुत रास बात पर निर्भर करत पहिल त ई जे जकरा सं अहाँ विवाह करबै ओकर ऐ बच्चा के प्रति की व्यवहार रहैत छैक, किएक भ सकै अछि जे अहाँक बच्चा कइएक महीना या साल भरि हुनका बाप के रूप में नै देख पाबै. यादवजी के किछ खबर अछि अहाँके?" संक्षिप्त उत्तर दैत विनय ई प्रश्न केने छलाह.

"नै बस कियौ कहै छल जे दारू पी पी के कमजोर भ गेल अछि." ओ बाजलि
"एहन बात नै छैक, अहाँक पता होबाक चाहीए छल जे हुनकर दुनू किडनी खराप भ गेल अछि, पिछ्ला छः मास सं ओ डायलिसिस पर जीब रहल छैथ. आ जखन अहाँ दुनू संग छलहुँ हमरा लगै अछि जे तखने सं हुनकर किडनी के शिकायत प्रायमरी फेज में छल आ है बीपी आ शारीरिक बदलाव के कारणे ओ एहन खिसियाह भ गेल छलाह आ काज-धंधा पर ध्यान नै दैत छलाह." विनय बाजल छलखिन.

ई सब गप्प सुनि के यादवजी के कनियाँ के मुंह अवाक भ गेल छल.

विनय के हुनकर चेहरा पर बनैत बीतल समय में घटल घटना सब के तीव्र फ्लैशबैक के अंदाज लागय लागल छल. जेना कोनो प्रोजेक्टर पर कोनो फिल्म के रिपीट क देल गेल होय आ क्रिटिक ओकर सीन सब के नब दृष्टिकोण आ व्याख्या के संग देख रहल होय.

फेर फ़टाफ़ट ओ उठली आ बच्चा आ इलाजक फ़ाइल लय ओ बाहर चल गेली. कदाचित ओ अपन मोनक भीतरी भाव के विनय तक नै पहुँच दैत चाहै छलीह, शायद ओ अपन व्यथा ककरो नै बतबै चाहे छलीह.

अब विनय अपन कुर्सी पर पाछाँ धसि गेल छलाह आ अगिला मरीज के आबय के इंतज़ार करैत सोचे लागल छलाह जे व्यर्थे ओ हुनका ई सब गप्प बता देलखिन. बेचारी कतेक खुश छलीह. दोसर बियाह करै वाली छलीह, करितथि त अपन नव जिनगी के तलाश करितथि, हमर ऐ में की जाय छल...आदि..आदि....

ऐ घटना के करीब तीन महीना बीत गेल छल. एक दिन अचानक से ओ दुनू बेक्ति फेर अपन बच्चा संगे विनय के क्लिनिक पर उपस्थित छलाह. पहिलुके चिर-परिचित अंदाज में ओ बाजलि...

"सर पन्द्रहम दिन हिनकर रीनल ट्रांसप्लांट करवा रहल छी"

"अरे वाह, डोनर भेंट गेल?" उत्साह आ ख़ुशी मिश्रित भाव स विनय पुछलखिन

"जी, सर हमर सभटा जांच भ गेल अछि, किडनी मैच क गेल छै" ओ बजली.

ऐ पर यादवजी बाजला "जी सर ई किडनी द रहल छैथ हमरा".

"दोसर बियाह क रहल छथिन ई.......हमरा सं" कनियाँ के खिसियाब के अंदाज में यादव जी बाजल छलाह. प्रेम, ख़ुशी आ उमंग के चमक हुनकर आँखि में साफ़ देखल जा सकै छल.

आई विनय सेहो अपना आप में बहुत संतुष्टि के अनुभव क रहल छलाह...सोचि रहल छलाह जे मनुक्खक केहन केहन व्यवहार होइत अछि....

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